पिलाहो! तोमरा निज कक्षागृह आहा निज शिक्षक को पसंदा करा नाकी? तोमरा किं निज शिक्षक के मन दिये सुना, जखन से तोमाके पढ़ाए, नाकी किछू अन्य चिन्ताय मग्न थाকো? ठीक आछे! एइ भेद खोजो कक्षागृह खेलटाते तोमाके एइ दुइ कक्षागृह छबिते सकल भेदगुली खोजे बर करते होबे। आमरा निश्चिंत जे तोमरा নির্ধারিত समये भेदगुली खोजे बर करते पारबे। मजा करो!